Hindi Poetry

Hindi poetry.

Top most hindi poetry, nazm.written by me.

A collection of short sweet collection of poems written by me in hindi, for all the hindi poetry lovers.

You will find hindi poetry written in all genres here – on love, life, sadness, motivation etc.

1) tujhse dur – Hindi love poetry. 

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तुझसे दूर आब जाएं भी तो कहां

तेरे बिना छेन अब आए भी तो कहा

तेरे संग सब कुछ हरा भरा सा

और तेरे बगैर सब सुना सा

मत पूछ अब सिर्फ तू ही क्यों

बस इतना जान ले अब सिर्फ तू ही तू।

तू ही है मेरे हर दर्द की दवा

दिल को चाहिए अब बस

तेरी ही बाहों की पनाह.

 

तेरी आँखों ने जो कहा वो मेरे दिल ने सुना

तेरी फिआकर से जो दिखा वह सिर्फ इश्क़ ही था

तूने मुझे समझा नै पद भी लिया

मेरे इंकार का मतलब बिन बोले समझ भी लिया

तुझसे दूर जाये भी तो कहा

तेरे बिना चेन अब आये भी तो कहा |

तू ही है मेरे हर दर्द की दवा

दिल को चाहिए अब बस

तेरी ही बाहों की पनाह.

©Priyanka Jain.


2)  Hathon main tera hath ho.- hindi poetry on love. 

love hindi poetry image

हाथों में तेरा हाथ हो बातों मैं तेरा साथ हो

नज़र जो आए था कही तेहेर् जाए वही पलके मेरी।

हाथों में तेरा हाथ हो बातों मैं तेरा साथ हो

नज़र जो आए था कही तेहेर् जाए वही पलके मेरी।

 

मेरे दिल को तेरी ही खाईशा है

तेरी ही इसको गुंजाइश है।

मिलके यूँ जीना चाहते है  हर जाना

साथ  निभाना चाहते है

 

हाथों में तेरा हाथ हो बातों मैं तेरा साथ हो

नज़र जो आए था कही तेहेर् जाए वही पलके मेरी।

हाथों में तेरा हाथ हो बातों मैं तेरा साथ हो

नज़र जो आए था कही तेहेर् जाए वही पलके मेरी।

 

दिल की ये बात जरा सुन लो तुम

धड़कन को मेरी जरा महसूस कर लो तुम।

तेरे बारे में सोच के को जात है हम और

तुझे सामने पाके पूरे हो जाते है हम।

 

हाथों में तेरा हाथ हो बातों मैं तेरा साथ हो

नज़र जो आए था कही तेहेर् जाए वही पलके मेरी।

हाथों में तेरा हाथ हो बातों मैं तेरा साथ हो

नज़र जो आए था कही तेहेर् जाए वही पलके मेरी।

©Priyanka Jain.


3) Tumse milne ki hai khusi hai. – hindi poetry on love. 

तुमेसे मिलने की ये खुशी है

युही नही है मेरी हसी है।

तुमसे मिलने का है दिन है

युही नही है मेरी हसी है।

तुमसे कुछ कहना चाहता है और

कुछ सुन ना चाहता है

इसी लिए तो मेरा दिल पागल है।

 

सारे गम फिके है मेरे

तेरी ही ये रहमत है।

मेरी जो दुनुया कुछ भी ना थी

तेरे आजने से तेरे संग रंग चुकी है।

 

तुमेसे मिलने की ये खुशी है

युही नही है मेरी हसी है।

तुमसे मिलने का है दिन है

युही नही है मेरी हसी है।

तुमसे कुछ कहना चाहता है और

कुछ सुन ना चाहता है

इसी लिए तो मेरा दिल पागल है।

 

मेरा दल ये जानता है

तेरा दिल मेरे लिए बना है।

एहसास मेरे कैसे बताऊँ।

 

तुमेसे मिलने की ये खुशी है

युही नही है मेरी हसी है।

तुमसे मिलने का है दिन है

युही नही है मेरी हसी है।

तुमसे कुछ कहना चाहता है और

कुछ सुन ना चाहता है

इसी लिए तो मेरा दिल पागल है।

 

©Priyanka Jain.

4) Kabhi na social tha – Sad Hindi poetry. 

कभी ना सोच था ऐसा होगा ये प्यार

कभी ना सोच था ऐसा होगा इसका अंजाम।

बेवकुफिया जो की तेरे प्यार मैं

वक़्त जो बर्बाद किया।

ये जो सहोने सजाये और उम्मीद बनाई

कभी नआ सोच ता ऐसा होगा इनका ये हाल।

 

कभी ना सोच था ऐसा होगा ये प्यार

कभी ना सोच था ऐसा होगा इसका अंजाम।

 

जो खुद से उपर रखा तूझे

सबसे ज्यादा चाह तुझे।

की जो गलतिया तेरे प्यार में

बेवफा होगये अपनों की नज़र मैं।

कभी ना सोच था ऐसा होगा ये प्यार

कभी ना सोच था ऐसा होगा इसका अंजाम।

बेवकुफिया जो की तेरे प्यार मैं

वक़्त जो बर्बाद किया।

ये जो सहोने सजाये और उम्मीद बनाई

कभी नआ सोच ता ऐसा होगा इनका ये हाल।

कभी ना सोच था ऐसा होगा ये प्यार

कभी ना सोच था ऐसा होगा इसका अंजाम।


5) Rah pe – Motivational Hindi poetry. 

रह पे जो निकल पड़ी हु

अब रूकना नही है मुझे

रह पे जो निकल पड़ी हु

पीछे ने मुड़ना अब

कुछ और सोचना ने अब।

कदम जी बदल हौ मैने

मंज़िल के अलावा कही और जाना नई मुझ

बहुत हुई अगर मगर सब

अब बस करते जाना है।

है भरोसा खुद पर

इसी के दम पर आगे बड़ते जाना है।

रह पे जो निकल पड़ी हु।

 

©Priyanka Jain.


6) kya karu – Hindi poetry on loneliness. 

क्या करू किसी से कुछ कह नही सकती

मगर अब तो ये रूह भी मेरी और सेह नही सकती।

चुपी तोड़ दु आज तो दर है

सब बदल जाएगा।

मगर अंदर ही अंदर और कितना ये

दिल ये दर्द उठा पाएगा।

 

दिखते है कही मगर फिर भी दिखता नहीं है कोइ?

जसे मै खुल के बात कर सकु।

मिलते है कही मगर फिर भी मिलता नहीं है कोई.

एक ऐसा रास्ता खोजती हु जो मंज़िल तक ले जाए।

ना की मंज़िल के ख्वाब दिखता रह जाए.

क्या करू किसी से कुछ कह नही सकती

मगर अब तो ये रूह भी मेरी और सेह नही सकती।

 

भरोसा तो है मगर फिर भी दग्मगता है,

एक ऐसी रोशनी तलाश थी हु जो मेरे इस दर को

खतम कर दे और मुझे इस खुद से

खुद की लडाई से आज़ाद करदे।

कया करू झूठी हसी अब और हसी भी नई जाती

मगर फिर भी आंसू भी किसी के सामने बहाना नहा चाहती।

क्या करू किसी से कुछ कह नही सकती

मगर अब तो ये रूह भी मेरी और सेह नही सकती।

 

© priyanka Jain.

 

7)  दिल दीवाना -dIL DEWWANA

दिल दीवाना तेरा है यारा

तेरे लिए है जग्गे यारा

तुझ से ही सुकून तुझ से ही जूनून

दिल दीवाना तेरे बिना सुना है यारा.

 

दिल की सवारी तेरे ही लिए रुकी है

किस्मत के दागे तेरी और कीचते है

मन्नतोह मैं भी सिर्फ तुझे पढ़ा है

इस दीवानगी की वजह तू ही है यारा

दिल दीवान तेरा है यारा

 

© priyanka Jain.

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