Hindi shayari – love life and dosti.

11) मुझे नई पता क्या सही है और क्या गलत

बस इतना बता दो अब और कितनी खाता

की साझा बाकी रह गई है

थोड़ा तोह हसा दो.

 

12)कभी कभी लगता है इमरजेंसी चैन खींच ही दू

और रोक लू खुद को रोज़ की इस भागदौड़ से

और जी लू कुछ पल अपने लिए भी

जो कहीं गूम हो गए है इस भागदौड़ में.

 

13)अगर दर्द रहेगा तो मैं खुश नई रह पहुंगी हैं दर्द मुझे

जीने नई देगा और तड़पता रहेगा इसीलिए

में अब इतनी कुश रहूंगी। के यह दर्द मुझ तक
पहुंच ने का रास्ता भूल जाएगा

अगर कभी हो दर्द तो हस दिया करो फिर
दर्द की जगह खुसी के लेगी.

 

14)आपने आप को किसी और

से तुलना करने से क्या मिलेगा

इसे अच्छा तो आपने आप पर ध्यान दोगे तो
अपनी मंज़िल तक जरूर पहुंच जाएंगे.

“दूसरों की मंज़िल आपकी मंज़िल नहीं है

आपकी मंज़िल अलग है अपकी मंज़िल आपका

इंतज़ार कर रही है अपनी मंज़िल की और कदम बड़ाए”.

 

15) ज़िन्दगी में गलती कौन नई करता पर
उस गलती से भी कुछ ना सीखना वोह
गलती कभी मत करना .

 

16)कितनी बातें बताने को है तुझे

तुम क्या तो जनो

के कितना मुश्किल है तेरा इंतज़ार करना
अब तो सहा बी ना जाता यह अधूरा
पन एक और पल के लिए बी
बस आ भी जाओ सनम अब
और ले चलो हमे हमारी दुनिया में
जिसका हमने साथ में देखा ख्वाब.

 

17)मैने तो तुमसे प्यार किया थाऔर बदले में तुमने मुझे प्यार से नफ़रत करना सीखा दियातुम्हारा सूखरिया.

 

18) जब उसकी नज़रों में ही मेरे लिए जगह नई थी
तो उसकी दिल में मेरे लिए प्यार कैसे होता.

 

19)तुझे छोड जरूर दिया मैने

पर कभी तुमसे जुदा ना हो सके.

 

20) ऐसा तो कुछ भी नई के मैने अब उम्मीद छोड़ दी है
पर ऐसा भी तो कुछ नई दिख रहा है जिसे
उम्मीद मिले.

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2 thoughts on “Hindi shayari – love life and dosti.”

  1. Very nice. I found it very interesting and you have a different imagination and use of vocabulary is awesome. All of above I like the this one best:

    “अब ना ही किसी से कोई उमीद
    ना ही किसी से कोई वास्ता
    अब अपनी मंज़िल अपना रास्ता.”

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