Tujhse dur

Tujhse dur Hindi love poetry

तुझसे दूर आब जाएं भी तो कहां

 तेरे बिना छेन अब आए भी तो कहा 

तेरे संग सब कुछ हरा भरा सा

और तेरे बगैर सब सुना सा 

मत पूछ अब सिर्फ तू ही क्यों 

बस इतना जान ले अब सिर्फ तू ही तू। 

तू ही है मेरे हर दर्द की दवा 

दिल को चाहिए अब बस 

तेरी ही बाहों की पनाह.

©Priyanka Jain.

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